ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तेज़ हुई मुहिम, राज्यों में बदलेगी पर्यटन और समाजिक सूरत

ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तेज़ हुई मुहिम, राज्यों में बदलेगी पर्यटन और समाजिक सूरत

ग्रामीण भारत में भारतीय विरासत और संस्कृति के संरक्षण के लिए हो रहे काम ज़मीन पर दिखने शुरु हो गए हैं। इसका फायदा यह होगा कि ग्रामीण पर्यटन यानि रूरल टूरिज्म का विस्तार तेजी के साथ हो पाएगा। 


भारतीय ग्रामीण विरासत एवं विकास ट्रस्ट (ITRHD) की नई दिल्ली में सातवीं वार्षिक आम सभा बैठक हुई। बैठक को संबोधित करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में सचिव अमित खरे ने भारतीय ग्रामीण विरासत एवं विकास ट्रस्ट और गैर सरकारी संगठनों की कोशिशों की सराहना की। खरे ने विशेष रूप से, झारखंड में टेराकोटा  मंदिरों, मालूति, दुमका के 17-19वीं सदी के गांवों के आईटीआरएचडी संरक्षण कार्यों का उल्लेख किया। 


मालूति परियोजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। इस परियोजना में 108 मंदिरों में से 62 मंदिरों का जीर्णोद्धार शामिल है जो जीर्ण शीर्ण अवस्था में थे। इस परियोजना की लागत लगभग 6.57 करोड़ रुपये है जो पुरातात्विक दिशानिर्देशों के तहत देश में दूसरी जगहों पर चल रहे कामों में से सबसे बड़ा ईंट संरक्षण कार्य है।


दरअसल आईटीआरएचडी सतत आर्थिक विकास के लिए ग्रामीण विरासत के संरक्षण और उनके पोषण के लिए काम करता है। यह सुनिश्चित करता है कि ग्रामीणों को उनके पारंपरिक वास स्थान में ही रोजगार मिल पाए।