चरखारी में इमामहुसैन का सवारी जुलूस देखने उमड़ी भीड़

चरखारी में इमामहुसैन का सवारी जुलूस देखने उमड़ी भीड़

चरखारी में मोहर्रम पर्व की सातवीं तारीख गुरुवार की रात  हजरत, इमाम हुसैन की सवारी दुलदुल जुलसू में भीड़ उमड़ पड़ी। भारी भीड़ उमड़ने पर जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किये। दुलदुल जुलूस देर शाम से उठकर सुबह 5 बजे तक चलता रहा। अकीदमन्दों ने चढ़ौती चढ़ायी तथा जगह, जगह लंगर आयोजित किये, दुलदुल जुलूस को एडीएम आनंद कुमार , एसडीएम व सदर विधायक राकेश गोस्वामी ने फूल मालाओं का गजरा पहनाकर रवाना किया, 

बताते चलें कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में मोहर्रम की सातवीं तारीख को निकलने वाले दुलदुल जुलूस को देखने के उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश के जनपदों से हजारों की तादाद में लोग आते है, इस बार अपने निर्धारित समय के अनुसार इमाम हुसैन की सवारी दुल, दुल जुलूस बी पार्क से कमेटी के अध्यक्ष इशहाक व संरक्षक रमजान राइन की देख रेख में निकाला गया। 

 दुलदुल को अकीदतमन्दों ने जलेबी खिलाई तथा मन्नतें मांगी। जुलूस बी पार्क से मुख्य बाजार से होता हुआ प्रमुख स्थानों से होकर शुक्रवार की सुबह पांच बजे डयोढ़ी दरवाजा पहुंच कर सम्पन्न हुआ। इस बीच कमेटी के अलावा नगर वासियों ने जगह, जगह लंगर आयोजित किये गऐ। बताते चले कि सातवी मोहर्रम को निकलने वाली इमाम हुसैन का 161 वां जुलूस है, बताते चले कि दुलदुल जुलूस बुन्देलखण्ड के चरखारी में ही निकलता है। इसकी शुरूआत चरखारी नरेश जयदेव सिंह ने करायी थी। 

 बताते है कि चरखारी नरेश पहले सोने की लौंग बांटकर लंगर करते रहे। हालांकि वर्तमान समय में राज घराने के लोग दुलदुल जुलूस निकलने पर लंगर करते है, इमाम हुसैन की सवारी देखने के लिये महोबा, हमीरपुर, बंादा, कानपुर, मोदहा, राठ, पनवाड़ी, टीमकगढ़, बिजावर, सागर, दमोह, जलबपुर, लौड़ी चन्दला आदि स्थानों से हजारों की संख्या में लोग यहां पहुंचे प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के अलावा बेहतर व्यवस्थाऐ की थी, जिससे किसी प्रकार की परेशानी नही हो सकी। 

जुलूस में कमेटी के सदस्य रहे मुस्तैद 

 मोहर्रम की सातवी को निकलने वाले दुलदुल जुलूस को शान्तिपूर्ण और बेहतर ढंग से सम्पन्न कराने के लिये कमेटी के अध्यक्ष इशहाक व संरक्षक रमजान राइन ने पहले से ही व्यवस्थाऐं दुरूस्त कर रखी थी। बाहर से आने वालों के लिये पेयजल जलपान आदि की बेहतर व्यवस्थाऐं थी। कमेटी के लोग जुलूस के साथ, साथ मुस्तैदी से चल रहे थे। वे हर स्थिति पर नजर रखे रहे। जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न होने से कमेटी के अध्यक्ष व संरक्षक ने प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी के अलावा कोतवाली प्रभारी सतीश चन्द्र शुक्ला सहित जिले की अन्य थानों की पुलिस, पीएसी के जवान, महिला पुलिस व स्थानीय अभिसूचना इकाई के अधिकारी, कर्मचारी सहित  विभिन्न राजनैतिक दलों के नेता व समाजसेवी मौजूद  रहे। 

भाई चारे की पेश की अनूठी मिशाल 

 दुलदुल जुलूस में हिन्दु भाईयों ने आपसी मेलमिलाप की अनूठी मिशाल पेश की है। दुलदुल जुलूस के मौके पर हिन्दु भाईयों ने जगह, जगह लंगर के स्टाल लगायेें और जुलूस, जलसे में शामिल मुस्लिम भाईयों का खुले दिल से स्वागत किया। पूरी रात मुस्लिमों के कंधे से कंधा मिलाकर हिन्दु भाई साथ, साथ रहे। पुलिस प्रशासन भी नगर में हिन्दु और मुस्लिमों के बीच आपसी भाईचारे की इस अनूठी मिशाल का कायल हुआ है।