दिलों को छू जाएगा "जितने लब उतने अफ़साने"का मंचन

दिलों को छू जाएगा "जितने लब उतने अफ़साने"का मंचन

प्यार को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता और ना ही इसकी कोई परिभाषा है।इसे तो सिर्फ महसूस किया जाता है।जी हां चूंकि हम बात कर रहे हैं प्यार की तो यह भी कहना ग़लत नहीं होगा कि प्यार का सप्ताह वैलेंटाइन वीक को कहते हैं।इस हफ्ते प्यार करने वालो में ख़ासा उत्साह देखा जा सकता है।अगर हम इस बार के वैलेंटाइन वीक की बात करें तो,इलाहाबाद की प्रतिष्ठित सांस्कृतिक संस्था "बुनियाद फाउंडेशन ग्रुप"लेकर आ रहा है अपना नया थिएटर प्ले "जितने लब उतने अफ़साने"पावर्ड बाई वैभव हौंडा जो कि 14 फरवरी शाम 6:30 बजे इलाहाबाद के NCZCC ऑडिटोरियम में होगा ।इस प्ले के अभिनेता असगर अली ने बताया कि उनका यह नाटक प्यार को लेकर समाज की सोच पर आधारित है,जिसे छत्तीसगढ़ के लेखक श्री अख़तर अली द्वारा लिखा गया है और इलाहाबाद में इसका यह पहला मंचन है।जिसका निर्देशन अंकित सिंह यादव ने किया है तथा सह-निर्देशन पूजा शर्मा का है। इस नाटक में प्यार के हर अनछुए पहलुओं को दिखाया गया है और समाज में प्यार को लेकर एक पॉजिटिव सोच लाने की कोशिश की गई है।श्री अली का कहना है कि यह नाटक दर्शकों पर खासा प्रभाव छोड़ेगा क्योंकि इसकी कहानी सभी के दिलो को छूने वाली है और पूरी टीम ने बहुत मेहनत की है।नाटक की अभिनेत्री रुचि गुप्ता का कहना है कि अगर इस नाटक के माध्यम से हम एक व्यक्ति की भी प्यार को लेकर नकारात्मक सोच को सकारात्मक सोच में बदल देंगे तो यह उनके लिए बहोत बड़ी उपलब्धि होगी। निर्देशक अंकित सिंह यादव ने बताया कि इस नाटक के लिए निशुल्क पास रखा गया है,ताकि हम अपनी प्रस्तुति को ज़्यादा से ज़्यादा दर्शकों तक पहुंचा सके।नाटक के सह-निर्देशन के साथ-साथ संगीत संयोजन कर रही पूजा शर्मा का कहना है कि इसे एक म्यूजिकल प्ले बनाने की कोशिश की गई है ताकि यह सभी के दिलों को छू सकें।"इलाहाबाद मंत्रा" से खास बातचीत के दौरान "जितने लब उतने अफ़साने के टीम ने सभी से इस शो में आने की अपील की है।कार्यक्रम में सहयोग तंदूर रेस्टोरेंट,स्टाइलो मेंस वियर, शरमेन एरा म्यूजिक इंस्टीटूट ने किया है।