"जितने लब उतने अफसाने"

"जितने लब उतने अफसाने"

उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में बुनियाद फाउंडेशन संस्था की ओर से नाटक "जितने लब उतने अफसाने"पावर्ड बाई  वैभव हौंडा का मंचन किया गया। जिसमें प्यार के विभिन्न पहलुओं को छूने की कोशिश की गई।नाटक में दिखाया गया कि किस तरह से प्यार करने वालों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है और समाज की सोच प्यार को लेकर आज भी नहीं बदली है,जो कि समाज के लिए बहुत खतरनाक है। कलाकारों ने अपने अभिनय कौशल के जरिए दिखाया कि दो प्यार करने वालों के बीच में समाज के लोग किस तरह दिक्कत और परेशानियां पैदा करते हैं और अंत में उन्हें आत्महत्या करने की नौबत आ जाती है।प्यार के हर अनछुए पहलुओं को छूते हुए इस नाटक ने दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी और सभी का दिल जीत लिया। दर्शकों से खचाखच भरा ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। नाटक में महिला की भूमिका में रुचि गुप्ता और पुरुष की भूमिका में असगर अली ने अपने अभिनय की छाप छोड़ी जिसका मार्गदर्शन   डॉ.विधु खरे दास व निर्देशन अंकित सिंह यादव ने किया। सह निर्देशन पूजा शर्मा का था। इसके साथ ही संगीत पूजा शर्मा, संजीत कुमार प्रकाश परिकल्पना सुजॉय घोषाल, विशेष सहयोग वरुण कुमार मधु प्रियदर्शनी,आकांक्षा वर्मा का था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाज सेवी सचिन यादव थे तथा विशिष्ट अतिथि के रुप में राजू भैया,श्री प्रमोद कुमार सिंह, चंद्रशेखर यादव,जावेद अहमद आदि लोग उपस्थित थे। इस मौके पर पूर्व पार्षद श्री अहमद अली व श्री हीरालाल यादव ने अतिथियों का स्वागत किया कार्यक्रम में सहयोग श्री वैभव होंडा,तंदूर रेस्टोरेंट,स्टाइलो मेंस वियर, इलाहाबाद मंत्रा,शर्मन एरा म्यूजिक इंस्टिट्यूट का रहा।